February 28, 2024

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Chhattisgarh:  बीजेपी के लिए नायक बनके सामने आये मजदूर ईश्वर साहू , 7 बार रहे विधायक को दी मात

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ishwar-sahu

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Chhattisgarh:  छत्तीसगढ़ के आए चुनाव परिणामों ने सभी को चौंका दिया है। बीजेपी ने यहां 54 सीटों पर जीत दर्ज मिली तो कांग्रेस 35 सीटों तक समेटकर रह गई। बड़ी बात यह है यहां साजा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी ईश्वर साहू ने 7 बार के विधायक और मंत्री रविंद्र चौबे को हरा दिया है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को काफी मजबूत माना जा रहा था, लेकिन बीजेपी ने बड़ा उलटफेर करते हुए भूपेश बघेल की सरकार को छत्तीसगढ़ से उखाड़ फेंका है। छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने 54 सीटों पर जीत हासिल की है।

छत्तीसगढ़ में ऐसा ही चौंकाने वाला रिजल्ट राज्य के बेमेतरा जिले की साजा विधानसभा में भी देखने को मिला है। यहां एक मजदूर ईश्वर साहू ने भूपेश बघेल सरकार के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे को हरा दिया है। ईश्वर साहू का रविंद्र चौबे को हराना इसलिए भी मायने रखता है कि वह सात बार विधायक रह चुके हैं और देखा जाए तो ईश्वर साहू ने इससे पहले कोई चुनाव से नहीं लड़ा है।

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ईश्वर साहू ने बीजेपी की तरफ से विधानसभा चुनाव लड़ा और 5 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की। ईश्वर को यहां 1,01,789 वोट मिले, जबकि रविंद्र चौबे 96,593 वोटों पर ही सिमट गए। दोनों के बीच 5196 वोटों का अंतर रहा।

ईश्वर को टिकट मिलने की कहानी

बीजेपी ने रायपुर से 110 किलोमीटर दूर बिरनपुर में रहने वाले मजदूर ईश्वर साहू को टिकट दिया था। ईश्वर का बेटा बिरनपुर में सांप्रदायिक दंगों के दौरान मारा गया था। बीजेपी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए ईश्वर साहू ने भी रवींद्र चौबे को हरा दिया।

साजा से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतने वाले ईश्वर साहू के बेटे की मौत साजा विधानसभा क्षेत्र में अप्रैल 2023 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां एक स्कूल में हुई मारपीट की घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया था। इन दंगों में 3 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से ईश्वर का बेटा भुवनेश्वर साहू भी एक था। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने भुवनेश्वर के परिवार को मुआवजे के तौर पर सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपए देने का ऐलान किया था, लेकिन भुवनेश्वर ने इसे लेने से इनकार कर दिया था। इस घटना के बाद ही भाजपा ने ईश्वर को टिकट दिया था।

ईश्वर न्याय की लड़ाई के प्रतीक हैं

साजा में प्रचार के दौरान अमित शाह ने कहा था कि ईश्वर साहू सिर्फ उम्मीदवार नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई के प्रतीक हैं। अगर बीजेपी सत्ता में वापस आती है तो उनके बेटे भुनेश्वर साहू के हर हत्यारे को जेल भेजा जाएगा।

 

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