April 19, 2024

#World Cup 2023     #G20 Summit    #INDvsPAK    #Asia Cup 2023     #Politics

Mukhtar Ansari की मौत के बाद बौखलाया विपक्ष, जांच की मांग कर दी श्रद्धांजलि, योगी का हाई अलर्ट जारी

0
Mukhtar and Yogi

Mukhtar and Yogi

Mukhtar Ansari: कल रात बाहुबली और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की बांदा के अस्पताल हार्टअटैक से मौत हो गई। मुख्तार अंसारी को जेल में दिल का दौरा पड़ा जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खबरें आ रही हैं कि पहले भी कई दफा जेल में उनकी तबीयत बिगड़ चुकी है और कई बार उन्हें चेकअप के लिए अस्पताल भी ले जाया गया था। मुख्तार की मौत के बाद सियासत गरमा गई है।  विपक्षी पार्टियों ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है।     

जेल में आया दौरा 

बता दें कि गुरुवार 28 मार्च की शाम को बांदा जेल में बंद पूर्व सांसद व बाहुबली नेता मुख्‍तार अंसारी की तबीयत दिल का दौरा पड़ने से बिगड़ गई। वहीं सूचना मिलने पर बांदा के DM व SP जेल पहुंचे। उनके निर्देश पर मुख्‍तार को बांदा के मेडिकल कॉलेज के अस्‍पताल में ले जाया गया। खबरों की मानें तो पेट में गैस और यूरिन इन्फेक्शन की शिकायत के कारण दो दिन पहले भी पूर्व सांसद को मेडिकल काॅलेज अस्‍पताल में ले जाया गया था। 

Also Read: Lok Sabha Election 2024: शिवसेना में शामिल हुए बॉलीवुड के दिग्गज सितारे, मिल सकता है लोकसभा चुनाव का टिकट

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जांच करें

अखिलेश ने मुख्तार की मौत पर योगी सरकार पर निशाना साधाते हुए अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया है और उसमें लिखा है कि, ‘’थाने में बंद रहने के दौरान ,जेल के अंदर आपसी झगड़े में ,जेल के अंदर बीमार होने पर ,न्यायालय ले जाते समय ,अस्पताल ले जाते समय ,अस्पताल में इलाज के दौरान ,⁠झूठी मुठभेड़ दिखाकर ,⁠झूठी आत्महत्या दिखाकर ,किसी दुर्घटना में हताहत दिखाकर ऐसे सभी संदिग्ध मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जाँच होनी चाहिए. सरकार न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर जिस तरह दूसरे रास्ते अपनाती है वो पूरी तरह गैर कानूनी हैं।’’

प्रशासनिक अधिकारी और सरकार की जिम्मेदारी

सोशल मीडिया एक्स पर शिवपाल ने मुख्तार की मौत पर दुख जताते हुए उसे श्रृधांजलि देते हुए लिखा है कि, ‘पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी का निधन दुःखद है। ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।” 

संवैधानिक संस्था संज्ञान ले

इससे पहले मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ‘’संवैधानिक संस्थाओं को इस पर स्वत: संज्ञान लेना चाहिए।” 

U.P में  योगी का हाई अलर्ट जारी

बता दें कि मुख्तार अंसारी की मौत के बाद योगी आदित्यनाथ ने एक्शन लेते हुए मऊ, बांदा और गाजीपुर में धारा 144 लागू कर दी है। साथ ही U.P में भी हाई अलर्ट है और STF कप्तानों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। 

14 घण्टे अस्पताल में रहा

खबरों के मुताबिक जब मुख्तार इलाज के दौरान ही बेहोश हो गया था। जिसके तुरंत बाद ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान भारी संख्या में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल को तैनात भी किया गया। दरअसल मुख्तार को दो दिन पहले ही बुधवार 27 मार्च को अस्पताल में तबीयत खराब होने की वजह से भर्ती कराया गया था। उस वक्त मुख्तार पूरे 14 घण्टे अस्प्ताल में रहा। फिर शाम को उसे दोबारा जेल भेजा गया था। 

स्वास्थ्य परीक्षण में सब सामान्य 

बुधवार को जब जेल में उसके स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया था, लेकिन रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य निकला। वहीं दो दिन बाद फिर से तबीयत बिगड़ी और बांदा के अस्पताल में मुख्तार की इलाज के दौरान मौत हो गई। 

दो बार पेट का एक्सरे 

ऐसा कहा जा रहा है कि जेल में उसकी स्थिति कुछ ठीक नहीं थी। अंसारी को उल्टी हुई जिसके बाद पुराने डॉक्टर को भी उसके इलाज के लिए बुलाया गया था। उसके बाद उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। वहीं मंगलवार को मेडिकल चेकअप के दौरान दो बार उसके पेट का एक्सरे किया गया था।  साथ ही ब्लड सैंपल को भी कलेक्ट किया गया था।

 रोजा रखता था मुख्तार

शुगर, CBC, LFT (लिवर फंक्शन टेस्ट),  इलेक्ट्रोलाइट (सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम) की जांच कराई गई थी। रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद उसे डिस्चार्ज कर वापस बांदा जेल भेज दिया गया था। खबरों के अनुसार मुख्तार अंसारी रोजा रखता था। गुरुवार को भी उसने रोजा रखा था, जिसके उसकी तबीयत खराब हो गई।

खाने में स्लो पॉइजन देने के आरोप 

गौरतलब है कि मुख्तार से मिलने मंगलवार को उसके परिजन उससे मिलने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे, लेकिन अफजल अंसारी को ही उससे मिल पाया था। जिसके बाद से ही सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए जाने लगे। इसके तहत  उमर अंसारी ने लोकल प्रशासन सहित सरकार पर जेल में मारने के गंभीर आरोप लगाए थे। खुद मुख्तार ने भी जेल प्रशासन पर खुद को खाने में स्लो पॉइजन देने के आरोप लगाया था

 

Also Read: Lok Election 2024: मोदी के खिलाफ 600 वकीलों ने भेजी CJI को चिट्ठी, मोदी ने भी ट्वीट कर दिया जवाब

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *