April 14, 2024

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Sandeshkhali News: जानिए क्या है संदेशखाली का पूरा मामला? आपको हैरान कर देगी सचाई…

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BJP-Mahila-Morcha-protests

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Sandeshkhali News: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में चल रहा बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस मामले पर बीजेपी ने अपने ओर से एक पहल की है। बीजेपी की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया जिसमें ज्यादातर महिला मंत्री हैं, ताकि कमेटी संदेशखाली में महिलाओं से बातचीत करे और महीलाओं पर हो रहे आत्याचार को रोका सके। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को धारा-144 का हवाला देते हुए संदशखाली पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। खबरों की माने तो इस मामले पर बीजेपी ने सुप्रिम कोर्ट का रुख भी किया है, जिस पर सुप्रिम कोर्ट का फैसला आने अभी बाकी है।

महिला कमेटी का गठन

दरअसल, संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न और हिंसा की घटना की जांच के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार (15 फरवरी) को छह सदस्य एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी का संजोयक केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी को बनाया गया है, और प्रतिभा भौमिक सुनीता दुग्गल, कविता पाटीदार, संगीता यादव और बृजलाल कमेटी के सदस्य हैं।

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‘नाम ममता है, फिर भी अत्याचार’

बता दें कि आज सुबह यानी (16 फरवरी) से बीजेपी की संदेशखाली का दौरा करने वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्य धरने पर बैठे हैं। लेकिन उन्हें संदेशखाली में घुसने नहीं दिया जा रहा। बीजेपी ममता सरकार पर सवाल उठा रही है। केंद्र महिला मंत्री ने मामता सरकार पर सवालों के जरीए निशाना साधाते हुए कहा कि ‘’CM महिला नाम ममता है, फिर भी हो रहा अत्याचार।‘’

गुंडों को मिल रहा संरक्षण

केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक का कहना है कि, “पश्चिम बंगाल में सब कुछ गलत हो रहा है। यहां महिलाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जाता है, उससे हम शर्मिंदा हैं। पुलिस अपराधियों और गुंडों को संरक्षण दे रही है। हम चाहते हैं कि संदेशखाली जाएं और पीड़ितों से मिलें, लेकिन पुलिस का कहना है कि उन्हें ऊपर से आदेश है कि हमें संदेशखाली न जाने दिया जाए।‘’

 

मायावती ने जताई चिंता

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने भी पश्चिम बंगाल के संदेशखाली मामले पर चिंता जाहिर की है। मायावती ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि ‘’हाल ही में संदेशखाली में महिला उत्पीड़न की जो घटना उजागर हुई उसे लेकर वहां जारी तनाव व हिंसा चिंता की बात है।‘’ मायावती ने आगे लिखा कि ‘’राज्य सरकार इस मामले में निष्पक्ष होकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे, ताकि ऐसी घटनाओं की आगे दोहराई न हो सके।‘’

क्या है संदेशखाली का पूरा मामला?

संदेशखाली में 9 फरवरी से काफी बवाल हो रहा है। इस इलाके में टीएमसी के नेता शाहजहां शेख का गुंडा राज चलता है। वहीं शाहजहां शेख राशन घोटाले में 5 जनवरी को ईडी की छापेमारी के दौरान टीम पर हुए हमले के बाद से फरार है। उसके फरार होने के बाद 8 फरवरी से स्थानीय महिलाओं ने शाहजहां शेख और उनके समर्थकों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि शाहजहां शेख और उसके लोग महिलाओं का यौन शोषण भी करते थे। 9 फरवरी को प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां समर्थक हाजरा के तीन पोल्ट्री फार्मों को जला दिया। महिलाओं का दावा था कि वे स्थानीय ग्रामीणों से जबरन छीनी गई जमीन पर बने थे। इससे पता चलता है कि संदेशखाली में कितना खौफ भरा मंजर है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने भी यहां का दौरा करने के बाद कहा था कि, ‘’संदेशखाली में स्थिति काफी गंभीर है।‘’

 

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