Shravana Purnima

सावन का महीना संपन्न होने को आया है। श्रावण पूर्णिमा (Shravana Purnima) के साथ सावन माह का समापन हो जाएगा और इसके साथ ही भादों माह की शुरुआत हो जायेगी। हिन्दू धर्म में श्रावण पूर्णिमा को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है। श्रावण पूर्णिमा के दिन ही रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है।

इसके अतिरिक्त, श्रावण पूर्णिमा (Shravana Purnima) इकलौती ऐसी पूर्णिमा है जिस पर भगवान शिव शंभू और भगवान श्री हरी विष्णु के एक साथ पूजन का विधान है। आज यानी कि 11 अगस्त के दिन श्रावण पूर्णिमा तिथि का शुभारंभ हो चुका है और 12 अगस्त सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर समापन होगा।

चंद्र देव के पूजन से होगी सुख की प्राप्ति

Shravana Purnima

श्रावण पूर्णिमा (Shravana Purnima) के दिन चंद्र देव की पूजा का भी खास महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में श्रावण पूर्णिमा को विशेष दर्जा हासिल है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा (Shravana Purnima) के दिन कुछ विशेष गुप्त उपाय करने से न सिर्फ भगवान शिव और श्री हरी विष्णु की कृपा होती है बल्कि चंद्र देव के आशीर्वाद से व्यक्ति जीवन में सफलता के शिखर पर पहुँच जाता है।

महाउपाय

Shravana Purnima

  • जो लोग सावन के महीने में व्रत या महादेव की पूजा आदि न कर सके हों तो ऐसे में आप श्रावण पूर्णिमा के दिन बाबा भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करके उन्हें प्रसंन्न कर सकते हैं और मनवांछित फल की कामना पूरी कर सकते हैं।
  • अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रदोष है और उसके दुष्प्रभाव से आपका कोई भी काम नहीं बन पा रहा हो तो ऐसे में श्रावण पूर्णिमा की रात चंद्र देव को दूध और गंगाजल का अर्घ्य दें। ऐसा करने से न सिर्फ आपके बिगड़े हुए काम बनने लगेंगे बल्कि आपका व्यक्तित्व भी चंद्रमा के समान प्रकाशवान बनेगा।
  • श्रावण पूर्णिमा को धन से जुड़ी समस्या को दूर करने के लिए भी अत्यंत लाभदायी माना जाता है। ऐसे में अगर श्रावण पूर्णिमा के दिन व्रत रख माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को पीले फूल चढ़ाएं जाए तो इससे कर्ज एवं तंगी जैसे हालातों से मुक्ति मिल जाती है।

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