February 28, 2024

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राहुल गाँधी का मोदी सरकार पर हमला, कहा- डरने की जरुरत नहीं, आज दिमाग से नहीं…दिल से बोलूँगा,

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Rahul Gandhi

New Delhi :  कांग्रेस (Congress) सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) बुधवार को पहली बार संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) में भाषण देने पहुंचे और उसके साथ ही उन्होंने संसद में एक बार फिर मोदी सरकार (Modi Government) पर हमला बोलते हुए कहा कि आज आपको डरने की जरूरत नहीं है और न ही आज कोई घबराने की जरूरत है. आज मैं अडानी पर भी नही बोलूँगा. आज दिमाग से नहीं बल्कि दिल से बोलना चाहता हूं.

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल (Rahul Gandhi) ने अपने भाषण की शुरुआत सूफी संत जलालुद्दीन रूमी के संदेश से की और उसके साथ ही उन्होंने कारोबारी अडानी (Adani) को लेकर सरकार को निशाना बनाते हुए उन पर तंज कसा और भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के मकसद के विषय पर भी जानकारी दी.

राहुल गाँधी ने संसद में क्या कहा ?

कांग्रेस नेता राहुल(Rahul Gandhi) ने कहा- ‘अध्यक्ष महोदय मुझे लोकसभा (Loksabha) में बहाल करने के लिए आपका शुक्रिया अदा करता हूँ. जब मैंने आखिरी बार संसद में बात की थी तो शायद आपको उससे ठेस पहुंची थी. मैंने पिछली बार अडानी के मुद्दे पर जोर से बोल दिया था जिससे सीनियर नेता को दुःख हुआ इसलिए मैं आपसे माफ़ी मांगना चाहता हु. लेकिन आपको अब डरने और घबराने की जरूरत नहीं हैं. आज मैं अडानी पर बात नही करूँगा इसलिए आप रिलैक्स कर सकते हैं.’

उन्होंने आगे कहा कि आज का भाषण दूसरे डायरेक्शन में जा रहा है, रूमी यानी सूफी संत ने कहा था कि जो शब्द दिल से आते हैं वो दिल में जाते हैं इसलिए आज दिमाग से नहीं दिल से बोलना चाहता हूँ. आज एनडीए सरकार (NDA) पर इतना आक्रमण नहीं करूंगा. लेकिन एक-दो गोले जरूर मारूंगा लेकिन उतना नहीं मारूंगा इसलिए आप रिलेक्स कर सकते हैं.

Rahul Gandhi बोले- ‘मेरा अहंकार निकल गया’

Rahul Gandhi

राहुल गाँधी (Rahul Gandhi ) ने कहा कि 130 दिन के लिए भारत के एक कोने से दूसरे कोने तक गया और समुंदर के तट से कश्मीर की पहाड़ी तक चलता रहा और बहुत लोग ने मुझसे पूछा- यात्रा के दौरान तुम क्यों चल रहे हो, कन्याकुमारी से कश्मीर तक क्यों जा रहे हो, शुरुवात में मैं जवाब नही पा रहा था. शायद मुझे पता नहीं था कि यह यात्रा मैं क्यों कर रहा था. मैं लोगों को जानना और समझना चाहता था बाद में मुझे बातें समझ आने लगी थी. जिस चीज के लिए मैं मरने को तैयार, जिस चीज के लिए मोदी (PM Modi) की जेलों में जाने के लिए तैयार, जिस चीज को मैंने हर रोज गाली खाई, उस चीज को समझना चाहता था. आखिरकार ये है क्या? जिसने मेरे दिल को इतनी मजबूती से पकड़ रखा था, उसे जानना चाहता था.

आगे उन्होंने कहा कि हर रोज मैं 8-10 किलोमीटर चलता था तो सोचता था कि मैं 20-25 किलोमीटर चल सकता हूं लेकिन मुझे अहंकार था. लेकिन भारत अहंकार को सेकेंड में ख़त्म देता है और दो तीन दिन में ही मेरे घुटनों में इतना दर्द हुआ कि मेरा अहंकार ख़तम हो गया. मेरा अहंकार भेड़िया से चींटी बन गया था. मैंने किसानों के दर्द को महसूस किया और उनके दर्द को समझने के लिए अहंकार दूर रखना पड़ता हैं.

 

 

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