March 2, 2024

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हार्दिक पंड्या के मुंबई में शामिल होने से नाराज हैं रोहित और बुमराह, छोड़े देंगे मुंबई टीम?

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Rohit Sharma

Rohit Sharma

IPL 2024: क्रिकेट फैंस बेसब्री से IPL सीजन का इंतजार कर रहे हैं। IPL के लिए खिलाड़ियों की नीलामी हो चुकी है और अब नीलामी खत्म होने के बाद अगले दिन से ही एक बार फिर IPL ट्रांसफर विंडो खुल गई और ट्रांसफर विंडो के तहत कई डील हुईं, लेकिन इसमें एक ट्रेड सबसे बड़ी साबित हुई है।

क्या रोहित और बुमराह छोड़े देंगे मुंबई टीम

मुंबई इंडियंस (MI) ने एक बड़ी ट्रेड के जरिए पंड्या को अपनी टीम में शामिल किया था। मुंबई ने पंड्या को रोहित शर्मा की जगह अपनी टीम का कप्तान भी बना दिया है। ऐसे में अब रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इससे रोहित के अलावा जसप्रीत बुमराह भी नाराज हैं और जल्द ही यह दोनों प्लेयर्स टीम को छोड़ सकते हैं।

खिलाड़ी का ट्रेड कैसे होता है?

जब ट्रांसफर विंडो के तहत एक प्लेयर अपनी टीम को छोड़कर दूसरी फ्रेंचाइजी में चला जाता है, तो उसे ट्रेड कहते हैं। यह ट्रेड दो तरह से होती है। पहली- डील कैश में यानी प्लेयर के बदले बेचने वाली फ्रेंचाइजी को पैसे मिलते हैं। दूसरा- दो फ्रेंचाइजी अपने-अपने प्लेयर्स की अदला-बदली करती हैं।

ट्रेड विंडो कब से कब तक खुली होती है?

नियम के मुताबिक, किसी IPL सीजन के खत्म होने के एक महीने बाद से ही यह ट्रांसफर या ट्रेड विंडो ओपन हो जाती है। यह अगले सीजन की नीलामी से एक हफ्ते पहले तक खुली रहती है साथ ही नीलामी के बाद फिर यह विंडो खुलती है, जो अगले आईपीएल सीजन के शुरू होने से एक महीने पहले बंद हो जाती है। ऐसे में मौजूदा ट्रेड विंडो 12 दिसंबर तक खुली रही थी जबकि नीलामी 19 दिसंबर को दुबई में हो चुकी है। ऐसे में यह विंडो 20 दिसंबर से फिर खुल गई है, जो IPL 2024 सीजन शुरू होने से एक महीने पहले बंद होगी।

एक तरफा ट्रेड क्या है?

जब कोई एक प्लेयर पूरी तरह से कैश डील के तहत टीम ए से टीम बी में जाता है, तो इसे एकतरफा ट्रेड कहते हैं।

इसमें टीम बी को उसके बदले टीम ए को प्लेयर की कीमत देनी होगी, जो बेचने वाली टीम ने नीलामी के दौरान उस प्लेयर को खरीदने में दी थी। हार्दिक पंड्या के मामले में इस बार ऐसा ही हुआ है। मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटन्स को पंड्या के बराबर की फीस दी है।

दोतरफा ट्रेड क्या है?

इसमें दो टीमों के बीच खिलाड़ियों की अदला-बदली होती है लेकिन इस दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच कीमत में अंतर वाली राशि को खरीदने वाली टीम को चुकाना पड़ता है। इसे दोतरफा ट्रेड कहते हैं।

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क्या कोई खिलाड़ी इस ट्रेड में अधिकार रखता है?

बिल्कुल, जब भी किसी प्लेयर की ट्रेड होती है, तो उस खिलाड़ी की मंजूरी बेहद जरूरी होती है। हाल ही में जब हार्दिक पंड्या ने मुंबई इंडियंस जॉइन की थी तब गुजरात टाइटन्स के क्रिकेट निदेशक विक्रम सोलंकी ने बताया था कि हार्दिक ने खुद ही मुंबई टीम में वापस आने की इच्छा व्यक्त की थी और ये ट्रेड 15 करोड़ रूपये में हुआ था।

दूसरी ओर ESPN cric info के मुताबिक, “मुबई ने हार्दिक को ट्रेड करने के लिए आईपीएल 2023 के तुरंत बाद से ही गुजरात से बातचीत शुरू कर दी थी। MI फ्रेंचाइजी यह भी जानना चाहती थी कि क्या गुजरात नकद ट्रेड करेगा या दोतरफा।

यदि कोई प्लेयर ट्रेड विंडो के तहत किसी दूसरी टीम में जाना चाहता हो और उसकी फ्रेंचाइजी इससे सहमत ना हो तो यह डील नहीं हो सकती. यानी कि नियम के मुताबिक, ट्रेड के लिए खिलाड़ी की मंजूरी बेहद जरूरी है।

क्या फ्रेंचाइजी के पर्स पर ट्रांसफर फीस का असर पड़ता है?

काफी लोगों के मन में ये सवाल होता है कि क्या फ्रेंचाइजी के पर्स पर ट्रांसफर फीस का असर पड़ता है? तो इसका जवाब है नहीं, बिल्कुल नहीं, ट्रांसफर फीस का फ्रेंचाइजी के पर्स पर कोई असर नहीं पड़ता। पंड्या की कीमत 15 करोड़ रुपये थी। उन्हें खरीदने पर मुंबई के पर्स से उतने ही पैसे कम हुए। जबकि गुजरात के पर्स में उतनी राशि जोड़ी गई। इसमें ट्रांसफर फीस का कोई लेनादेना नहीं रहता है।

 

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