March 3, 2024

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भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई सीनेटर वरुण घोष ने रचा इतिहास, संसद में गीता पर हाथ रखकर ली शपथ

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varun ghosh

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Bhagwat Gita: ऑस्ट्रेलियाई के संसद में पहली बार ‘भगवद गीता’ पर हाथ रखकर किसी सीनेटर ने शपथ ली है। यह ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी भारतीय मूल के ऑस्‍ट्रेलियाई सीनेटर ने ऑस्ट्रेलियाई संसद के अन्दर भगवद गीता पर हाथ रखकर शपथ ली हो। वरुण घोष ने भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। वे भारत में पैदा होने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई सीनेटर हैं।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं

बता दें कि वरुण घोष पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं, जिन्हें सीनेटर चुना गया है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने वरुण घोष को शुभकामनाएं दीं हैं ।

एंथनी ने कहा कि ”वे पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की एक महान आवाज बनेंगे। साथ ही उन्होंने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने पर खुशी जताई है।” प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ”पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया से हमारे नए सीनेटर वरुण घोष का स्वागत है। आपका टीम में होना बहुत अच्छा है।”

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आप आखिरी नहीं हैं

वरुण घोष का स्‍वागत करते हुए ऑस्‍ट्रेलियाई व‍िदेश मंत्री पेनी वोंग ने X पर लिखा कि ”पश्चिमी ऑस्‍ट्रेलिया से हमारे सबसे नए सीनेटर वरुण घोष आपका स्‍वागत है। सीनेटर घोष पहले ऐसे ऑस्‍ट्रेलियाई सीनेटर हैं, जिन्‍होंने भागवत गीता पर हाथ रख शपथ ली है। मैंने अक्‍सर कहा है कि ”जब आप किसी चीज में सबसे पहले होते हैं तो आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि आप आखिरी नहीं हैं।”

 

यह हैं वरुण घोष

वरुण घोष का जन्म 1985 में हुआ था। जब वे 17 साल के थे तभी उनके माता पिता उन्हें लेकर ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। उनके माता और पिता दोनों डॉक्टर हैं। फिलहाल वरुण पेशे से एक वकील हैं और पर्थ शहर में रहते हैं।

उन्‍होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्‍टर्न ऑस्‍ट्रेलिया से आर्ट्स और लॉ की पढ़ाई की है। उन्होंने औद्योगिक संबंधों और रोजगार कानून के क्षेत्र में भी काम किया है। वरुण अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में विश्व बैंक के लिए सलाहकार साथ ही गिल्ड काउंसिल में अध्यक्ष और गिल्ड सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं। वरुण ने 17 साल की उम्र में लेबर पार्टी से राजनीति में कदम रखा था।

 

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