March 3, 2024

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शरद पवार को नहीं मिले पुराना चुनाव चिह्न, कर सकते हैं कोर्ट का रुख

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Sharad Pawar: महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग (EC) ने शरद पवार के भतीजे अजित पवार के गुट को पार्टी चिह्न घड़ी सौंप दिया है। वहीं चुनाव आयोग ने शरद पवार गुट से तीन नाम और चिह्न का सुझाव देने को कहा है। ताकि आज शाम तक शरद पवार को भी नाम और चिह्न उपलब्ध हो सके।

भेजे गए नाम और चिह्नों की लिस्ट

बतां दे कि शरद पवार से पार्टी का नाम और सिंबल छिनने के बाद शरद पवार की पार्टी को नए नाम की तलाश है। खबरों के मुताबिक बुधवार को शरद पवार की पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को तीन नाम भेजे गए हैं। केंद्रीय चुनाव आयोग को शरद पवार की पार्टी की ओर से भेजे गए इन नामों में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी- एस, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी शरद पवार और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी शरद चंद्र पवार जैसे नाम शामिल हैं। खबरों के अनुसार शरद पवार की पार्टी चुनाव चिह्न के लिए चश्मा, उगता सूरज और सूर्यफूल जैसे नाम भेज सकती है।

24 साल पूरानी पार्टी है NCP

दरअसल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की स्थापना करीब 24 साल पहले 10 जून 1999 को हुई थी। इसकी स्थापना शरद पवार, तारिक अनवर और पी ए संगमा ने की थी। इसका चुनाव चिह्न घड़ी है।
शरद पवार का राजनीतिक करियर

शरद पवार का राजनीतिक करियर 55 साल का है। हालांकि शरद पवार चाहें तो चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख भी कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि राज्यसभा और लोकसभा चुनाव से पहले शरद पवार का गुट कानूनी सलाह ले रहा है।

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अजित पवार को मिला था विधायकी समर्थन

बता दें कि पिछले साल जुलाई में अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से बगावत की थी। वे 40 विधायकों के साथ एनडीए में शामिल हो गए थे। गठबंधन की सरकार में उन्हें उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। एनसीपी के 81 सांसद और विधायकों में से अजित पवार के पास 57 का समर्थन है।
यह है नियम

किसी भी पार्टी और उसके सिंबल पर दावा करने के लिए दो तिहाई विधायकों का समर्थन चाहिए होता है। यदि किसी पार्टी के नेता को ये समर्थन मिल जाता है तो चुनाव आयोग उस पार्टी को सिंबल दे देता है। फिर कमजोर समर्थन वाले नेता को अपनी पार्टी के नए नाम और सिंबल के लिए चुनाव आयोग में आवेदन करना होता है। इसलिए अजित पवार के गुट को पार्टी चिह्न घड़ी सौंपा गया है। वहीं चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव से पहले शरद पवार से तीन नाम मांगे थे।

सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख

चुनाव आयोग के फैसले को लेकर शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि ”हम चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कार्ट जाएंगे।” साथ ही उन्होंने कहा कि ”हम चुनाव आयोग को अपना प्रस्ताव जरूर भेजेंगे।”

एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि ”ECI की तरफ से लिया गया निर्णय पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ”विधायक दल को राजनीतिक दल की संख्या के मुकाबले संख्या में नहीं गिना जा सकता।”

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अजित पवार

वहीं अजित पवार ने कहा कि ”लोकतंत्र में बहुमत मायने रखता है।’‘ इस बीच अजित पवार गुट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और कैविएट दाखिल की है। अजित पवार गुट ने कहा है कि ”अगर शरद पवार गुट कोई याचिका दाखिल करता है तो उनका पक्ष भी सुना जाए, कोर्ट एकतरफा रोक का आदेश न दे।”

 

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