February 24, 2024

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जब 93000 सैनिकों ने एक साथ किया था सरेंडर, वीरता और बलिदान का प्रतीक रहा Vijay Diwas

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Vijay-Diwas

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Vijay Diwas: पाकिस्तान को दो टुकड़ों में बांटने के लिए भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की याद दिलाने वाला 53वां विजय दिवस आज यानी कि 16 दिसंबर 2023 को मनाया जा रहा है। इसी दिन पाकिस्तानी सेना ने 1971 में भारत से 13 दिनों तक चले युद्ध में बुरी तरह से पराजित होने के बाद आत्मसमर्पण किया था। पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल एए नियाजी खान ने 100 या 200 नहीं बल्कि 93000 सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने सरेंडर कर दिया था। बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग करने लिए हुए इस युद्ध में भारतीय सेना करीब 4000 वीर सैनिक भी शहीद हुए थे और आज पूरा देश ऐतिहासिक जीत के नायक रहे भारतीय सेना के वीर जवानों की वीरता और बलिदान को सलाम कर रहा है।

लेकिन क्या आपको इस युद्ध के पीछे की कहानी पता हैं? आइए हम आपको बताते है। दरअसल, बंटवारे के वक्त भारत के दो हिस्से पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान के नाम पर अलग हो गए थे। बंगाल का एक बड़ा भाग पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था। पश्चिमी पाकिस्तान की सरकार पूर्वी पाकिस्तान के लोगों पर अत्याचार करती रही। पूर्वी पाकिस्तान ने ये ज़ुल्म 24 सालों तक सहा।

दरअसल बात ये थी कि पाकिस्तान में 1970 के दौरान चुनाव हुए थे, जिसमें पूर्वी पाकिस्तान आवामी लीग ने बड़ी संख्या में सीटें जीती और सरकार बनाने का दावा किया, लेकिन जुल्फिकार अली भुट्टो जो पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के थे वो इस बात से सहमत नहीं थे, इसलिए उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया था। उस समय हालात इतने खराब हो गए थे की सेना का प्रयोग करना पड़ा। अवामी लीग के शेख मुजीबुर रहमान जो कि पूर्वी पाकिस्तान के थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यहीं से पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के बीच दिक्कतें शुरू हो गई थीं।

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भारत में उस समय इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी. पूर्वी पाकिस्तान से शरणार्थी भारत में आ गए थे और उन्हें भारत में सुविधाएं दी जा रही थी क्योंकि वे भारत के पड़ोसी देश से आए थे। इन सबको देखते हुए पाकिस्तान ने भारत पर हमले करने की धमकियां देना शुरू कर दिया था। 3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों पर हमला कर दिया। इस वक्त तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आधी रात को देश को संबोधित करते हुए पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले की जानकारी दी और साथ ही युद्ध की घोषणा भी की।

इसी जीत की खुशी में 16 दिसंबर के दिन तीनों सेनाएं यानी थल सेना, नौसेना, वायुसेना विजय दिवस के रूप में मनाती हैं। तो आइए आपको बताते है इस युद्ध से जुड़े कुछ facts…

– 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध 3 दिसंबर को शुरू हुआ और 13 दिन बाद 16 दिसंबर को पाकिस्तानी सेना के आत्मसमर्पण पर समाप्त हुआ था।

– इस युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व फील्ड मार्शल मानिक शॉ कर रहे थे और उस वक्त प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं।

– 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तानी सेना ने पूर्वी पाकिस्तान जो की अब बांग्लादेश है, उसीके शहर ढाका में सरेंडर किया था।

• पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल एए नियाजी खान ने अपना आत्म समर्पण भारतीय सेना की अगुवाई कर रहे उस वक्त लेफ्टीनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने किया।

– पाकिस्तान पर भारत की इसी विजय के साथ बांग्लादेश को एक अगल राष्ट्र बनाने कार्य संपन्न हुआ।

– वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार, 1971 युद्ध में भारत के (तीन हज़ार आठ सौ तैतालिस) 3843 सैनिक शहीद हुए थे और 9851 सैनिक घायल हुए थे।

– कहा जाता है कि पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जब सरेंडर कर रहे थे तब उनहें हाथ लगभग कांप रहे थे और आंखें आंसुओं से भरे थे।

 

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