April 19, 2024

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शिव भक्तों को Maha shivratri पर जरूर करना चाहिए ये काम, धन-धान्य से भरेंगे भण्डार, देखें मुहूर्त

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Shiv Parvati

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Maha shivratri: भगवान शिव के भक्तों के लिए साल का सबसे बड़ा दिन महाशिवरात्रि वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल 8 मार्च 2024 को है। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। कहते हैं जो लोग आज के दिन सच्चे मन से भगवान शंकर की उपासना करते हैं शिव उनसे बड़े प्रसन्न होते हैं। ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार जो भक्त महाशिवरात्रि के दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करते हैं उनकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात माता पार्वती ने भगवान शिव के गले में फूलों की वरमाला डाली थी। इसी दिन दोनों विवाह सूत्र में बंधे थे।

MaHa Shivratri
MaHa Shivratri

महाशिवरात्रि 2024 पूजा मुहूर्त

8 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन शिव जी की पूजा का समय शाम के समय 06 बजकर 25 मिनट से 09 बजकर 28 मिनट तक का है। इसके अलावा चार प्रहर का मुहूर्त इस प्रकार है-

महाशिवरात्रि 2024 चार प्रहर मुहूर्त

रात्रि की प्रथम प्रहर में पूजा का समय- शाम 06 बजकर 25 मिनट से रात 09 बजकर 28 मिनट तक है। वहीं रात्रि के दूसरे प्रहर की पूजा का समय – रात 09 बजकर 28 मिनट से 9 मार्च को रात 12 बजकर 31 मिनट तक का है। साथ ही रात्रि के तीसरे प्रहर की पूजा का समय – रात 12 बजकर 31 मिनट से प्रातः 03 बजकर 34 मिनट तक है। रात्रि के चौथे प्रहर की पूजा का समय – प्रात: 03.34 से प्रात: 06:37 मिनट तक है।

निशिता काल मुहूर्त – रात में 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक (9 मार्च 2024) तक है।
व्रत पारण का समय – सुबह 06 बजकर 37 मिनट से दोपहर 03 बजकर 28 मिनट तक (9 मार्च 2024) तक है।

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महाशिवरात्रि पर इस विधि से करें पूजा

08 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान आदि करके श्वेत वस्त्र धारण करें। पूरी श्रद्धा के साथ शिवजी के आगे व्रत का संकल्प लें। सबसे पहले भगवान शंकर को पंचामृत से स्नान कराएं। पीला अथवा लाल रंग का आसन बिछाएं और भगवान शिव के सामने घी अथवा तेल का दीपक पूरी रात्रि के लिए जलाएं। फिर शुभ मुहूर्त में पूजा प्रारंभ करें। साथ ही केसर मिश्रित जल चढ़ाएं। इसके अलावा चंदन का तिलक लगाएं। बेलपत्र, भांग, धतूरा भोलेनाथ का सबसे पसंदीदा चढ़ावा है, इसलिए तीन बेलपत्र, भांग, धतूरा, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं। अंत में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर सबको प्रसाद बांटें।

MaHa Shivratri

ज्योतिष शास्त्र क्या कहता है?

ज्योतिष शास्त्र कहता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा पूरे विधि-विधान से करनी चाहिए। इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का भी जाप करना बहुत अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक करने से सारे रोगों से मुक्ति भी मिलती है।

धन धान्य के लिए करें ये काम

वैदिक शास्त्र के अनुसार, यदि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के पंचाक्षर अनुलोम और विलोम मंत्रों का जाप करते हैं तो ऐसे में भगवान शिव बहुत खुश होते हैं। साथ ही मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं और धन की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि के दिन सवा लाख पंचाक्षरी मंत्र का जाप करने से धन आगमन के स्रोत बनते हैं।

महाशिवरात्रि के दिन करें ये उपाय

बता दें कि जो लोग नौकरी या कारोबार में तरक्की पाना चाहते हैं वह लोग महाशिवरात्रि के दिन स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करें। साथ ही शिव जी पर जल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर चढाएं। इसके बाद ओम नम मंत्र का जाप कम से कम 108 बार जरूर करें। मान्यता है कि ऐसा करने से नौकरी और कारोबार में आ रही परेशानियों से छूटकारा मिलता है।

 

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