February 28, 2024

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Ratan Tata: रतन टाटा ने आवारा कुत्तों के लिए खोला अस्पताल, ब्रिटेन के डॉक्टर करेंगे इलाज

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Ratan-Tata pet

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Ratan Tata: देश के सबसे लोकप्रिय उद्योगपतियों में से एक रतन टाटा (Ratan Tata) ने अपना एक ड्रीम प्रोजेक्ट पूरी कर लिया है। रतन टाटा ने जानवरों के लिए 24 घंटे चलने वाला अस्पताल मुंबई में खोला है। 86 साल के रतन टाटा दान देने के लिए जाने जाते हैं। टाटा समूह को हमेशा ही समाज कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाते देखा गया है।

मार्च से मिलेगा इलाज

बता दें कि टाटा ट्रस्ट्स स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल (Tata Trusts Small Animal Hospital) मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में खुलेगा। यह अस्पताल लगभग 165 करोड़ रुपये खर्च कर 2.2 एकड़ में बनाया गया है। यह हॉस्पिटल मार्च के पहले हफ्ते से पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा। जानवरों को मार्च 2024 से इलाज मिलना शुरु हो जाएगा। यह कुत्ते, बिल्ली, खरगोश जैसे छोटे जानवरों की सेवा करने के लिए बनाया गया है।

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जानवर परिवार का हिस्सा हैं

खबरों के मुताबिक रतन टाटा ने एक इंटरव्यू में बताया कि ”जानवर भी परिवार का हिस्सा हो जाते हैं। मेरे पास भी कई पालतू जानवर रहे हैं। इसलिए मुझे इस हॉस्पिटल की बहुत जरूरत महसूस हुई थी। अब अपना सपना पूरा होते देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।”

उन्होंने आगे बताया कि ”एक बार उनका कुत्ता बीमार हो गया था। वह उसे ज्वॉइंट रिप्लेसमेंट के लिए अमेरिका की मिनिसोटा यूनिवर्सिटी ले गए। लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। उसके बाद ही रतन टाटा के दिमाग में विचार आया कि मुंबई में भी एक वर्ल्ड क्लास जानवरों का हॉस्पिटल होना चाहिए।”

Ratan Tata

आवारा कुत्तों के लिए खोला एनजीओ

वहीं इस अस्पताल की देखरेख की बात करें तो अस्पताल की पूरी जिम्मेदारी ब्रिटेन के मशहूर वेट डॉक्टर थॉमस हीथकोट को सौंपी गई है। वहीं इस अस्पताल का रॉयल वेटनरी कॉलेज, लंदन समेत 5 मशहूर ब्रिटिश अस्पतालों से टाई अप भी है। इसमें आवारा कुत्तों की देखभाल के लिए एक एनजीओ भी खोला गया है।

बेहतरीन संस्थानों में मिलेगी पहचान

इस अस्पताल को टाटा ग्रुप के बेहतरीन संस्थानों में शुमार किया जाएगा। इससे पहले इस कारोबारी रतन टाटा ने देश का पहला कैंसर केयर हॉस्पिटल, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंसेज- बेंगलुरु जैसे नामी गिरामी संस्थानों की शुरुआत की थी।

वहीं अगर रतन टाटा के मेमोरियल हॉस्पिटल की बात करें तो इस अस्पताल ने करोड़ों लोगों को बेहद कम खर्च में कैंसर से लड़ने में मदद की है।

 

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