April 20, 2024

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PM Modi ने किसानों को दी सौगात, डेयरी प्रोडक्ट बढ़ाने का किया जिक्र, इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़ का फंड

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Pm gujrat

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PM Modi: पीएम मोदी गुजरात दौरे पर पहुंचे। जहां सभा को संबोधित करते हुए पीएम ने अपने भाषण के दौरान बिना नाम लिए किसानों की समस्या का समाधान कैसे होगा यह तक बता दिया। प्रधानमंत्री ने अंदोलनकर्ता को यह समझाने की कोशिश की कि किस तरह से किसानों की आय बढे़गी।

धान-गेहूं और गन्ने से आगे सोचना होगा

पीएम ने कहा कि ”आज देश में डेयरी उत्पाद का कुल टर्नओवर 10 लाख करोड़ रुपये से ऊपर है। देश में धान-गेहूं और गन्ने को मिलाकर भी जो उत्पाद तैयार होता है उसका कुल टर्नओवर 10 लाख करोड़ नहीं पहुंचता है। मतलब है कि किसानों को धान-गेहूं और गन्ने से ऊपर उठना होगा। कृषि आय को बढ़ाना है तो दुग्ध उत्पादन, फल और सब्जियों का उत्पादन, अंडे आदि के उत्पादन पर जोर देना होगा।” पीएम ने आगे कहा कि ”भोजन का मतलब अब सिर्फ गेहूं और चावल नहीं रह गया है।” 

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हजारों करोड़ रुपये की योजना

पीएम ने अपने संबोधन में बताया कि ”आज सरकार कैसे पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मछलीपालन के लिए माहौल तैयार कर रही है। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए देसी नस्लों को बचाए रखने, मुंहपका और खुरपका बीमारी की रोकथाम के लिए हजारों करोड़ रुपये की टीके लगाने की योजनाओं के बारे में भी बताया।”

ऊर्जादाता के साथ-साथ उर्वरकदाता बनें

पीएम ने कहा कि ”पशुपालन, मधुमक्खी पालन और मछली पालने वालों को भी किसान क्रेडिट कार्ड दिया जा रहा है।” मतलब यह कि केवल अन्न उपजाने से काम नहीं चलने वाला है। किसानों को अगर अपनी आय बढ़ानी है तो उन्हें अपने को अपडेट करना होगा। पीएम मोदी ने कहा, कि ”हमारी सरकार का जोर अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने के साथ-साथ उर्वरकदाता बनाने का भी है।”

हमने किसानों को इतने लाभ दिए

पीएम मोदी ने बताया कि ‘उनकी सरकार किसानों के लिेए क्या-क्या कर रही है? इस बारे में बताते हुए पीएम ने कहा कि ”हम किसानों को सोलर पंप दे रहे हैं। खेत की मेढ़ पर ही छोटे-छोटे सोलर प्लांट लगाने के लिए मदद दे रहे हैं। साथ ही गोवर्धन योजना के तहत पशुपालकों से गोबर खरीदने की व्यवस्था भी बनाई जा रही है। हमारे डेयरी प्लांट में गोबर से बिजली पैदा की जा रही है। बदले में बनने वाली जैविक खाद किसानों को बहुत कम कीमत में उपलब्ध कराई जा रही है।”

किसान सहकारी समितियों का विकास हो

पीएम मोदी ने कहा कि ”बहुत जल्दी अमूल को दुनिया की सबसे श्रेष्ठ डेयरी प्रॉडक्ट तैयार करने वाली इकाई बनाना है।” मोदी ने आगे कहा कि ”देश में पहली बार सहकारिता को बढ़ाने के उद्देश्य से एक अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया गया है।” बता दें कि आजादी के बाद से ही सहकारिता को किसानों की आय बढाने और देश की तरक्की का एक रास्ता बताया गया पर इस पर ठीक से काम नहीं हो पाया। पीएम मोदी चाहते हैं कि ”गांव-गांव में किसान सहकारी समितियों का विकास हो।”

उद्योगपति को दस गुना लाभ

दरअसल बहुत साल पहले तक किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य नहीं मिला। किसान से एक रुपये किलो आलू खरीद कर आज से 25 साल पहले जब 30 रुपये पैकेट अंकल चिप्स मिल रहा था। तभी से यह बात उठती रही है। मसाले-तेल या अनाज कुछ भी, हो जब उन अनाज से कोई उद्योगपति प्रॉडक्ट तैयार कर लेता है तो वह उस फसल के मूल्य के दस गुने से भी अधिक लाभ कमाता है।

एक लाख करोड़ का फंड

पीएम मोदी ने कहा कि ”सहकारी समितियों का इस्तेमाल मेड इन इंडिया यानि मैन्यूफैक्चरिंग के लिए की जा रही है। इसके लिए टैक्स बहुत कम किया गया है। 10 हजार किसान उत्पाद संघ बनाए जा रहे हैं जिसमें 8 हजार बन भी चुके हैं। ये छोटे किसानों के बड़े संगठन हैं। ये छोटे किसानों को कृषि उद्यमी और निर्यातक बनाने का मिशन है। खेती से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़ का फंड बनाया गया है।”

 

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