March 2, 2024

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जानिए, कैसे मनाएं हरियाली तीज, और यदि आप व्रत नही कर सकते तो जानिए उपाय

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Hariyali Teej

Hariyali Teej: हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष महत्व होता है। महिलाएं इस दिन माता पार्वती की पूजा अर्चना कर उनसे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगती हैं। साथ ही इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन भी खुशहाल बना रहता है। कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की कामना कर इस व्रत का पालन करती हैं। इस बार हरियाली तीज  (Hariyali Teej) का व्रत 31 जुलाई को रखा जाएगा।

हिंदू धर्म के अनुसार, सावन माह की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। दरअसल, तृतीया तिथि वाले दिन ही माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए विशेष पूजा की थी, इसलिए यह दिन बेहद खास माना जाता है।

हरियाली तीज व्रत की विधि

Hariyali Teej

सुहागन महिलाएं इस दिन  (Hariyali Teej) जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद साफ वस्त्र पहन लें। इसके बाद पूजा की तैयारी शुरू करें। सबसे पहले पूजा का स्थान अच्छे से साफ कर लें और माता पार्वती, भगवान शिव और गणेशजी की प्रतिमा स्थापित कर लें। आप चाहें तो पूरे शिव परिवार की प्रतिमा भी पूजा स्थान पर स्थापित कर सकते हैं। इसके बाद भगवान गणेश जी का पूजन करें और साथ ही माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना करें।

पूजा के दौरान माता पार्वती को श्रृंगार का सामान जैसा:- चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, मेहंदी, काजल आदि सामान अर्पित करें। साथ में भगवान शिव को भी वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद घी का एक दीपक जलाकर हरियाली तीज व्रत कथा सुने और अंत में माता पार्वती की आरती कर, सुहागन महिलाएं अपनी सास या नन्द को श्रृंगार का सामान भेट स्वरुप दें।

व्रत न कर पाए तो करे ये उपाय

Hariyali Teej

अगर कभी स्वास्थ्य समस्या या गर्भावस्था के कारण महिलाएं हरियाली तीज (Hariyali Teej) का व्रत नहीं रख पाती हैं तो पुराणों में कुछ उपाय भी बताए गए हैं। किसी कारणवश अगर आप इस साल हरियाली तीज (Hariyali Teej) का व्रत नहीं रख पाती हैं तो आप अपनी जगह अपने घर की किसी महिला से व्रत रखने के लिए कह सकती है।

इसके बदले आप उन्हें सुहाग का सामान और दक्षिणा दें और आप माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करके उनसे क्षमा मांगे। अगले साल आप इस व्रत को रखें और श्रद्धा के साथ माता पार्वती और भगवान शिव की उपासना करें और उनसे क्षमा भी मांगे। साथ ही इस बार सुहागन महिलाओं को सुहाग की सामग्री भी भेंट करें।

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