April 19, 2024

#World Cup 2023     #G20 Summit    #INDvsPAK    #Asia Cup 2023     #Politics

‘मैं मर जाऊंगा, जय श्री राम नहीं हटाऊंगा’ K C Bokadia ने सेंसर बोर्ड के फैसले को दी चुनौती

0
Bokadia

Bokadia

K C Bokadia: दिग्गज निर्माता-निर्देशक के सी बोकाडिया ने अपने बीते 50 साल के फिल्मी करियर में ऐसा दिन तो कभी नहीं देखा होगा जो आज केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) के जरिए उन्हें देखना पड़ रहा है। अभी दो दिन पहले ही मुंबई आए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने उनके द्वारा बनाए नए धारावाहिक ‘सरदार द गेम चेंजर’ की खूब तारीफ की थी और साथ ही इसे सप्ताह में एक दिन की बजाय दो दिन प्रसारित करने का भी सुझाव दिया। लेकिन, सेंसर बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बोकाडिया को उनकी नई फिल्म को लेकर जो नोटिस भेजा है, जिससे सब हैरान हैं।

तीसरी बेगम पर मचा बवाल

बता दें कि पिछले पांच दशकों से हिंदी सिनेमा में सक्रिय फिल्म निर्माता-निर्देशक के सी बोकाडिया ने बीते साल के आखिर में अपनी नई फिल्म ‘तीसरी बेगम’ के सेंसर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था। फिल्म को सेंसर बोर्ड की परीक्षण समिति (एक्जामिनिंग कमेटी) ने देखने के बाद इसे सेंसर सर्टिफिकेट देने से इसलिए इन्कार कर दिया कि ये फिल्म समाज में प्रचलित सामान्य और औचक घटनाओं को एक परंपरा के रूप में दिखाती है और इससे एक समुदाय विशेष के खिलाफ वैमनस्य फैलता है। वहीं सेंसर बोर्ड ने बोकाडिया को 14 दिन का समय दिया था इस फिल्म को पुनरीक्षण समिति (रिवीजन कमेटी) के पास ले जाने के आदेश दिए थे। बोकाडिया ने उसके बाद फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट के लिए दोबारा से आवेदन किया था।

Also Read: पटना शुक्ला: बिहार में एजुकेशनल सिस्टम स्कैम पर रोक लगा रहे हैं रवीना टंडन, सलमान ने शेयर किया टेलीकॉम, मेरा स्वागत नहीं करोगे

राम हमारी आस्था के केंद्रबिंदु

वहीं सेंसर बोर्ड ने के सी बोकाडिया को इस महीने 6 मार्च को एक पत्र भेजा था। जिसमें फिल्म ‘तीसरी बेगम’ को केवल वयस्कों के लिए प्रमाणपत्र के साथ जारी करने के आदेशों के तहत उनसे फिल्म में 14 स्थानों में बदलाव करने को कहा गया था। बोकाडिया ने बताया कि ”इन कट्स में से मुझे सबसे ज्यादा आपत्ति उस बिंदु को लेकर है जिसमे फिल्म से ‘जय श्री राम’ हटाने की बात कही गई है। राम हमारी आस्था के केंद्रबिंदु हैं और फिल्म में ये बात एक ऐसा किरदार कह रहा है जो खुद पर हमलावर हुए शख्स की शरण में है।”

मैं मर जाऊंगा, जय श्री राम नहीं हटाऊंगा

रामचरित मानस के सुंदरकांड में विभीषण के अपनी शरण में आने पर भगवान राम के कथन पर, ‘शरणागत कहुं जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पांवर पाप सम तिन्हहिं बिलोकत हानि।।’ का उदाहरण देते हुए के सी बोकाडिया ने कहा है कि, ”यदि कोई हमलावर किसी की जान लेने पर आमादा है और अपनी जान बचाने के लिए वह शख्स प्रभु श्रीराम के नाम का उच्चारण कर रहा हो तो उसे ‘जय श्री राम’ कहने से भारत में तो शायद ही कोई रोकना चाहेगा। फिल्म ‘तीसरी बेगम’ का ये संबंधित दृश्य भी ऐसा ही है जिसमें अपनी पहचान छुपाकर तीसरी शादी करने वाला शख्स फिल्म के उपसंहार में अपनी गलती मानता है और अपनी जान बचाने के लिए प्रभु श्री राम की दुहाई देता है। मैं मर जाऊंगा लेकिन अपनी फिल्म से ‘जय श्री राम’ शब्द नहीं हटाऊंगा।”

सेंसर बोर्ड के खिलाफ हाईकोर्ट जाऊंगा

के सी बोकाडिया ने सेंसर बोर्ड के फैसले को मानने से साफ इनकार कर दिया है। बोकाडिया ने अपनी बात को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी तक भी पहुंचा दी है। बोकाडिया कहते हैं कि, ”मैंने बीते 40 साल में 60 फिल्में बनाई हैं, लेकिन मुझे कभी सेंसर बोर्ड ने इस तरह परेशान नहीं किया। मैंने हाल ही में दूरदर्शन के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल पर एक साप्ताहिक धारावाहिक ‘सरदार द गेम चेंजर’ बनाया है जिसे देखने के बाद केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसे हफ्ते में दो बार करने का सुझाव दिया है, लेकिन सेंसर बोर्ड मेरी एक सामयिक फिल्म को रिलीज नहीं होने दे रहा है। अगर मेरी फिल्म को ‘जय श्री राम’ शब्दों के साथ रिलीज करने की अनुमति नहीं मिली तो मैं इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाऊंगा।” बता दें कि इस बारे में और सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली के बारे में बात करने के लिए सीईओ स्मिता वत्स शर्मा ने इस महीने का वक्त दिया है।

 

Also Read: अयोध्या: साउथ एक्टर्स राम स्टेज की पत्नी ने अयोध्या में नए अपोलो अस्पताल का उद्घाटन किया

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *