April 15, 2024

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Farmer Protest: पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर किसान और पुलिस के बीच भिड़ंत, एक किसान की मौत, कई लोग घायल

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Farmer Protest: किसानों को लेकर केंद्र सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार आमने सामने आ गई है। जी हां, आंतरिक रिपोर्ट्स के बाद गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से कहा- पिछले कुछ दिनों से राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति चिंता का विषय रही है, क्योंकि ऐसा लगता है कि विरोध की आड़ में उपद्रवियों और कानून तोड़ने वालों को पथराव करने और भीड़ जुटाने की खुली छूट दे दी गई है। पड़ोसी राज्यों में अशांति और अव्यवस्था फैलाने के स्पष्ट इरादे से सीमा पर भारी मशीनरी जुटाने के विरोध में शरारती तत्वों को कानून तोड़ने की खुली छूट दी गई है।

इसके बाद पंजाब सरकार ने केंद्र द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब एक चिट्ठी लिखकर भेजा है। ये लेटर पंजाब के चीफ सेक्रेटरी द्वारा लिखा गया है। पंजाब सरकार ने गृह मंत्रालय (MHA) को भेजे अपने जवाब में कहा है कि ये कहना पूरी तरह गलत है की राज्य सरकार शंभू और धाबी-गुर्जन बॉर्डर पर लोगों को इकट्ठा होने दे रही है। चीफ सेक्रेटरी ने अपने लिखे जवाब में ये भी कहा है कि किसान दिल्ली आंदोलन करने जा रहे थे, लेकिन मूवमेंट पर रिस्ट्रिक्शन होने के कारण वो पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर पर रुके हुए हैं।

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किसानों के प्रति सहानुभूति दिखाने की जरूरत

बता दें कि केंद्र को भेजे जवाब में किसानों पर हरियाणा पुलिस के द्वारा चलाए आंसू गैस शेल्स, रबर बुलेट्स, और फिजिकल फोर्स का भी जिक्र है. पंजाब सरकार ने हरियाणा पुलिस द्वारा यूज किए गए फोर्स का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अबतक 160 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं. इसके बाद भी पंजाब सरकार ने जिम्मेदारी के साथ लॉ एंड ऑर्डर सिचुएशन को बरकरार रखा हुआ है। पंजाब सरकार ने कहा है कि ”किसानों के प्रति और ज्यादा सहानुभूति दिखाने की जरूरत है।”

इसके अलावा इसमें पंजाब सरकार द्वारा किसानों के साथ हुए नेगोशिएशन में राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान की भूमिका की भी बात कही गई है। केंद्र को भेजे गए जवाब के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री अब तक हुई चार मीटिंग्स में से तीन में मौजूद थे। पंजाब के चीफ़ सेक्रेटरी ने बताया कि पंजाब पुलिस की तरफ से डीआईजी रैंक के अधिकारी और पीपीएस ऑफिसर सहित 2000 पुलिसकर्मी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सरकार पूरे हालात पर लगातार नजर रखी हुई है। जरूरत पड़ने पर सभी जरूरी कदम उठाए जाने की भी बात पंजाब सरकार ने कही है।

रिपोर्ट्स की माने तो, लगभग 1200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, 300 कारों, 10 मिनी-बसों और अन्य छोटे वाहनों के साथ राजपुरा-अंबाला रोड पर शंभू बॉर्डर पर लगभग 14000 लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति दी गई थी। इसी तरह, राज्य सरकार द्वारा ढाबी-गुजरान बॉर्डर पर लगभग 500 ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ लगभग 4500 व्यक्तियों की विशाल सभा की अनुमति देने की रिपोर्ट सामने आई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब-हरियाणा और हरियाणा-दिल्ली बॉर्डरों पर सुरक्षा व्यवस्था को चौकन्ना कर दिया गया है। साथ ही हरियाणा के सात जिलों में इंटरनेट पर लगे बैन को एक बार फिर से आगे बढ़ा दिया है।

बताया जा रहा है कि शंभू बॉर्डर पर प्रशासन द्वारा किसानों को रोकने के लिए बनाई गई दीवारों को तोड़ने के लिए प्रदर्शनकारी पोकलेन जैसी भारी मशीनें लेकर पहुंचे हैं। किसान संगठन इन मशीनों की मदद से दीवार तोड़कर दिल्ली की ओर बढ़ने की कोशिश करेंगे। इसी संबंध में हरियाणा पुलिस ने पंजाब पुलिस को एक पत्र लिखा है और किसानों की पोकलेन जैसी भारी मशीनों को ज़ब्त करने का अनुरोध किया है। हरियाणा पुलिस के इसी पत्र के आधार पर गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को सुरक्षा व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर का पत्र मिलने के बाद पंजाब पुलिस ने हरियाणा की ओर जाने वाली पोकलेन और जेसीबी मशीनों सहित भारी मशीनरी की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए हैं।

आपको बता दें कि डीजीपी पंजाब ने सभी रेंज एडीजीपी/आईजीपीएस/डीआईजी, सभी पुलिस आयुक्तों और सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को भेजे पत्र में निर्देश दिए हैं और कहा कि किसी भी जेसीबी, पोकलेन, टिपर, हाइड्रा और अन्य शक्तिशाली अर्थमूविंग जैसी भारी मशीनरी को पंजाब-हरियाणा सीमा खनौरी और शंभू तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। क्योंकि इनपुट मिला है कि प्रदर्शनकारी हरियाणा पुलिस के बैरिकेड्स को तोड़ने और हरियाणा में एंट्री की योजना बना रहे हैं।

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को राजमार्गों पर न चलाए

उधर, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने किसानों को बस आदि से दिल्ली जाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि ”मोटर वाहन अधिनियम के मुताबिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को राजमार्गों पर नहीं चलाया जा सकता है, इसलिए किसान बस या सार्वजनिक परिवहनों का इस्तेमाल कर राजधानी जा सकते हैं।”

वहीं इस मुद्दे पर अपडेट्स की बात करे तो शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान और पुलिस कर्मी आमने-सामने आ गए है। दोनों के बीच जमकर टकराव हुआ। फिर किसानों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और रबर बुलेट्स दागी गई, जिसमें कई किसान जख्मी हो गए। वहीं, इसमें एक किसान की मौत होने की खबर आ रही है। मरने वाले किसान की पहचान 24 साल के शुभकर्मन सिंह के रूप में हुई है। इनके शव को पटियाला राजिंद्र हॉस्पिटल भेजा गया है। हालांकि, हरियाणा पुलिस ने किसान की मौत से इनकार कर दिया है।

 

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