February 26, 2024

#World Cup 2023     #G20 Summit    #INDvsPAK    #Asia Cup 2023     #Politics

लद्दाख और जम्मू कश्मीर में 4 बार आया भूकंप, खौफ में हैं लोग

0
Earthquake

Earthquake

Earthquake in Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सोमवार (18 दिसंबर) को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.5 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, तीन बजकर 48 मिनट पर आए भूकंप का केंद्र करगिल में 10 किलोमीटर जमीन के नीचे था और इसके झटके कश्मीर में भी महसूस किए गए। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कुछ ही मिनटों के भीतर चार बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके बाद लोगों में डर का माहौल है।

इसके बाद तीन आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए। 4 बजकर एक मिनट पर लद्दाख (Ladakh) में आए इस भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई। 4 बजकर एक मिनट पर ही जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के किश्तवार में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

Also Read: केजरीवाल को दूसरी बार प्रवर्तन निदेशालय का समन, दिल्ली के शराब घोटाले में होंगे पेश?

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

• 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है।
• वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है।
• 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो।
• 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
• 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है।
• 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है।
• 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है।
• 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
• 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।

भकूंप के दौरान क्या करें?

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिरकरण (NDMA) ने बताया कि “भूकंप के दौरान घबराएं नहीं, शात रहें। साथ ही टेबल के नीचे जाएं या फिर अपने सिऱ को ढकें। इसके अलावा झटके समाप्त होते ही फौरन बाहर निकले और लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करें। बाहर आने के बाद खंभों, इमारतों और पेड़ों से दूर रहें।”

एनडीएमए ने कहा कि “भूकंप के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में नहीं जाए। अगर आप मलबे में फंस गए हैं तो अपने मुंह को कपड़े से ढंके, दीवार या नल पर खटखटाएं और आवाज करें। इसके अलावा सीढ़ियों का प्रयोग करें।”

इसके अलावा भूकंप के प्रभावों से बचने के लिए अपने घरों को दीवारों और छतों की समय-समय पर मरम्मत कराएं और आपातकालीन किट तैयार रखें।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

 

Also Read: T10 क्रिकेट टूर्नामेंट में BIG B ने मारी एंट्री, गली-मोहल्ला क्रिकेट के लिए सुनहरा मौका

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *