February 27, 2024

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पेपर लीक करने वालों पर केंद्र सरकार ने कसा शिकंजा, लोकसभा में पेश हुआ बिल

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Anti Paper Leak BIll

Anti Paper Leak BIll

Anti Paper Leak Bill: अकसर आप यह खबर सुनते होंगे कि आज बच्चों की परीक्षा होनी है और पेपर लीक हो गया। सालों से परीक्षा की तैयारी करते आ रहे युवा हताश हो जाते हैं। कुछ युवा तो इतने हताश हो जाता हैं कि आत्महत्या जैसा रास्ता चुन लेते हैं, उनका पूरा भविष्य अंधकार में चला जाता है। बता दें कि सबसे ज्यादा पेपर लीक के मामले राजस्थान से सामने आते हैं। इस तरह के होने वाले अपराधों और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले व्यक्तियों, संस्थानों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।

केंद्र सरकार ने परीक्षाओं में होने वाली नकल और पेपर लीक जैसे मामलों पर रोकथाम लगाने के लिए एक सख्त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने सोमवार 5 फरवरी 2024 को संसद में एंटी पेपर लीक बिल पेश किया है। जिस बिल का नाम सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2024 (The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Bill, 2024) है। जिसे केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह द्वारा लोकसभा में पेश किया गया है। इस बिल के तहत अपराधियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।

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कई राज्यों में हुआ पेपर लीक

इस बिल के माध्यम से केंद्र सरकार परीक्षा में होने वाली धांधली पर रोक लगाना चाहती है। बता दें कि अभी कुछ महीने पहले राजस्थान, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, गुजरात और झारखंड समेत अलग- अलग राज्यों में पेपर लीक जैसे कई मामलें सामने आए। इस वजह से परीक्षाओं को भी रद्द करनी पड़ी। बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है इसलिए सरकार ने यह तरीका निकाला है।

1 करोड़ जुर्माना, 10 साल तक की जेल

बिल के अंतर्गत नकल और पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं। बिल के प्रावधान के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक में शामिल लोगों को 10 साल तक की जेल और कम से कम एक करोड़ रुपये तक जुर्माना हो सकता है। इसके साथ ही उत्तर पुस्तिका में छेड़छाड़, मेरिट लिस्ट के दस्तावेजों में हेराफेरी या किसी और की जगह परीक्षा देने जैसे अपराध को भी शामिल किया गया है।

वहीं अगर इस जांच में कोई व्यक्ति पेपर लीक, नकल या किसी और की जगह परीक्षा देने में शामिल पाया जाता है तो इस बिल में 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माना का प्रावधान किया गया है। बिल के अनुसार, अगर जांच में यह बात सामने आती है कि लोगों ने संगठित अपराध किया है, तो ऐसे अपराध के लिए बिल में कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान और साथ ही कम से कम एक करोड़ रुपए के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।

परीक्षा का खर्चा भी वसूलेंगे

विधेयक के अनुसार, अगर जांच में कोई संस्थान ऐसे में अपराध में संलिप्त पाया जाता है तो उस संस्थान ये प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने का खर्च वसूलने के साथ ही उसकी संपत्ति भी जब्त करने का प्रावधान किया गया है। विधेयक में जांच किसी ऐसे अधिकारी से कराने का प्रावधान किया गया है जो पुलिस उपाधीक्षक या सहायक पुलिस आयुक्त स्तर से नीचे का न हो। केंद्र सरकार के पास जांच को किसी भी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का भी अधिकार होगा।

युवाओं के भविष्यों को सुरक्षित रखना है

बिल का मकसद नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना है ताकि इस वजह से बड़ी संख्या में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके। साथ ही देश के युवाओं को भरोसा हो कि उनकी ईमानदार मेहनत बेकार नहीं जाएगी और उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। बिल का मकसद UPSC, SSC, रेलवे, NEET, JEE और CUET सहित कई सार्वजनिक परीक्षाओं में धोखाधड़ी को पूर्ण तरीके से रोकना है।

 

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