April 13, 2024

#World Cup 2023     #G20 Summit    #INDvsPAK    #Asia Cup 2023     #Politics

Benjamin Netanyahu: Israel के प्रधानमंत्री हुए भारत से खफा

0
netanyahu

netanyahu

Benjamin Netanyahu: हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला कर कम से कम 1,400 लोगों की हत्या कर दी थी और करीब 200 लोगों को बंधक बना लिया था। जवाबी कार्रवाई में इजरायल हमास के नियंत्रण वाले गाजा शहर पर बड़े पैमाने पर हमले कर रहा है जिसमें 8,300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

इजरायल और हमास के बीच युद्ध को लेकर हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव लाया गया था जिसमें इजरायल और हमास के बीच शत्रुता को समाप्त करने के लिए आह्वान किया गया था। भारत ने इस प्रस्ताव से दूरी बना ली थी जिसके बाद अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के रुख पर टिप्पणी की है। सोमवार को उन्होंने कहा है कि कोई भी सभ्य देश जिसमें भारत भी शामिल है, इस तरह की बर्बरता को बर्दाश्त नहीं करेगा।

 

यह भी पढ़े : Andhra Pradesh: ट्रैन पलटने पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आरजेडी ने भाजपा पर साधा निशाना

प्रस्ताव पर भारत जैसे मित्र देशों के रुख की आलोचना करते हुए नेतन्याहू ने कहा, ‘मुझे लगता है कि उस प्रस्ताव में बहुत ज्यादा खामियां थीं और मुझे यह देखकर दुख हुआ कि हमारे कई मित्र भी इस बात पर जोर नहीं दे रहे हैं कि इजरायल में जो कुछ भी हुआ, उसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए थी। यह ऐसा था कि जिसे भारत जैसा कोई भी सभ्य देश बर्दाश्त नहीं कर सकता। इसलिए मुझे उम्मीद है कि इस तरह के प्रस्ताव दोबारा नहीं लाए जाएंगे.’

नेतन्याहू ने आगे कहा, ‘जिस तरह अमेरिका पर्ल हार्बर पर बमबारी के बाद या 9/11 के आतंकवादी हमले के बाद युद्धविराम के लिए सहमत नहीं हुआ, उसी तरह इजरायल भी हमास से युद्धविराम के लिए सहमत नहीं होगा।

इजरायल-हमास युद्ध को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किए गए प्रस्ताव में फिलिस्तीनी संगठन ‘हमास’ और ‘बंधक’ शब्द का जिक्र नहीं था। प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े और 14 देशों ने इसके विरोध में मतदान किया और भारत ने इससे दूरी बना ली थी।

इस मतदान से पहले, कनाडा का कहना था कि” प्रस्ताव के शब्दों में एक संशोधन हो और हमास का जिक्र किया जाए।” कनाडा के संशोधन का यह प्रस्ताव गिर गया क्योंकि इसे आवश्यक दो तिहाई सदस्यों का समर्थन नहीं मिला। भारत भी प्रस्ताव के संशोधन के पक्ष में था और उसने 86 अन्य देशों के साथ मिलकर हमास का जिक्र किए जाने का समर्थन किया था।

 

यह भी पढ़े: PM मोदी और शेख हसीना एक नवंबर को इन प्रोजेक्ट्स को दिखाएंगे हरी झंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *