March 3, 2024

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विपक्षी नेताओं के फ़ोन हैक करने की कोशिश, क्या केंद्र सरकार कर रही है जासूसी

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TMC सांसद महुआ मोइत्रा, AAP के सांसद राघव चड्ढा, शिवसेना यूबीटी की प्रियंका चतुर्वेदी, AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर। इन सबने दावा किया कि उनके फोन को हैक किया जा रहा है। मामले पर आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, “क्या किसी बीजेपी के सांसद ने कहा कि “मेरी जासूसी हो रही है। सिर्फ विपक्ष के नेताओं की जासूसी क्यों की जा रही है? क्या डर है सरकार को?”

आरजेडी सांसद मनोज झा बोले , “डिजिटल दुनिया बना रहे हैं। देखना चाहते हैं कौन क्या बात कर रहा है। पूरा का पूरा नॉर्थ कोरिया बन गया है क्या.” सवाल पूछे जाने लगे कि क्या वाकई विपक्ष के नेताओं की फोन टैपिंग हो रही है? अगर हो रही है तो विपक्ष की बातें कौन सुन रहा है? और सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या बेहद सुरक्षित माने जाने वाले आईफोन को हैक करना आसान है?

विपक्ष सवाल पूछ रहा है और सरकार जवाब देते हुए कह रही है कि अगर परेशानी है तो नेताओं को एफआईआऱ करवानी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा “कि हम डरेंगे नहीं लड़ेंगे”। मेरा फोन चाहिए तो ले लो। इस पर बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “पेगासस का आरोप लगाया था, फोन मांगा जांच के लिए तो मना कर दिया था। परेशानी है तो एफआईआर करवाएं”।

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एपल कंपनी की तरफ से आए इस अलर्ट मैसेज के बाद तमाम विपक्षी नेताओं ने सरकार पर हल्ला बोल दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जब प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए तो बाकायदा बड़े बड़े फॉन्ट में प्रिंट आउट छपवाकर आए थे ताकि मीडिया को दिखा सके कि एप्पल ने अपने अलर्ट में क्या भेजा है।

आईफोन उपभोक्तओं को भेजे अलर्ट मैसेज में कहा, “Apple को लगता ​​है कि आपको स्टेट-स्पॉन्सर्ड अटैकर्स की ओर से निशाना बनाया जा रहा है जो आपकी रजिस्टर्ड Apple ID से जुड़े iPhone को रिमोटली हैक करने की कोशिश कर रहे हैं। ये अटैकर्स आपको निशाना आपकी पहचान या आपके काम की वजह से बना रहे हैं।

एप्पल ने कहा कि “स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैक बहुत अच्छी फंडिंग वाले होते हैं. उनके अटैक के तरीके बदलते रहते हैं. ऐसे साइबर अटैक का पता लगाना बेहद मुश्किल है. कई बार ये अलर्ट फॉल्स अलार्म भी साबित होते हैं। एप्पल ये अलर्ट के पीछे की वजह नहीं बता सकता है क्योंकि इससे हैकर्स को मदद मिल सकती है”।

एप्पल का सिक्योरिटी सिस्टम दुनिया की स्मार्टफोन कंपनियों में सबसे सिक्योर माना जाता है। अलर्ट मैसेज का मकसद अपने उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की चेतावनी या जरूरी निर्देश देना होता है। किसी नई डिवाइस का उपयोग या फोन के साथ हुई कोई संदिग्ध छेड़छाड़। इस चेतावनी का मतलब है कि अपने फोन को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

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