April 13, 2024

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शराब घोटाले के बाद दिल्ली सरकार का नया घोटाला, दवाईयां हुईं फेल?

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Delhi Fake Medicine

Delhi Fake Medicine

Delhi Fake Medicine: दिल्ली के अस्पतालों में सप्लाई की जा रही दवाओं की गुणवत्ता की जांच की गई जिनमें बहुत सी दवाईयां गुणवत्ता मानक जांच में फेल हो गईं। इसके बाद से ही दिल्ली सरकार विवादों में घिर गई है और सियासत गर्मा गई है। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को दिल्ली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में कई बड़े नेता भी शामिल हुए।

भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

इस विरोध प्रदर्शमन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। प्रदर्शन कर रहे BJP कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए वॉटर केनन का इस्तेमाल किया। कहा जा रहा है कि दिल्ली के अस्पतालों में सप्लाई की जा रही दवाओं के सैंपल, दिल्ली सरकार के विजिलेंस विभाग द्वारा कराए गए गुणवत्ता के परीक्षण में विफल साबित हुई है।

बता दें कि हाल ही में मिर्गी के दौरों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के नकली होने की रिपोर्ट मिली थी जिसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उन दवाओं के कथित आपूर्ति की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी जो गुणवत्ता मानक जांच में फेल हो गई थीं।

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खबरों की मानें तो दिल्ली के अस्पतालों से लिया गया दवाई का एक अन्य नमूना भी चंडीगढ़ के क्षेत्रीय औषधि जांच प्रयोगशाला की जांच में फेल हो गया है। इस बार मिर्गी विरोधी दवा “सोडियम वालप्रेट” गुणवत्ता जांच मानक पर खरी नहीं उतरी है।

इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि “जिन दवाईयों को घटिया पाया गया है उनमें फेफड़े के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाईयां, मूत्राशय के संक्रमण को दूर करने वाली दवाईयां, फेफड़ों और जोड़ों में खतरनाक सूजन को दूर करने की दवाईयां, शरीर में सूजन, मिर्गी आदि की दवाईयां शामिल हैं।” 

पांच दवाओं के व्यवस्था के दिए निर्देश 

वहीं, मंत्री सौरभ भारद्वाज ने स्वास्थ्य सचिव को उन पांच दवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया, जो गुणवत्ता मानक परीक्षण में विफल रहीं और जो बाजार से वापस ले ली गई है। उन्होंने दवाओं की खरीद और आपूर्ति को लेकर एक अधिकारी को एक पखवाड़े के भीतर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केंद्रीय खरीद एजेंसी और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल के माध्यम से खरीदी जाने वाली दवाएं और उपभोग्य वस्तुएं मानक गुणवत्ता की हों।

 

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