February 28, 2024

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कतर से रिहा हो घर लौटे 7 भारतीय पूर्व नौसैनिक, JNU की पूर्व छात्रा ने की पीएम की तारीफ

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indian_navy_officers qatar

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PM Modi: भारत के नाम एक और ऐतिहासिक जीत दर्ज हुई है। दोहा की अदालत ने कतर में मौत की सजा पाने वाले भारतीय नौसेना के आठ पूर्व जवानों को रिहा कर दिया है। 8 जवानों में से सात जवान भारत की सरजमीं पर पैर रख चुके हैं। नौसेना के पूर्व जवानों के साथ-साथ दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधे हैं।

घर लौटे भारतीय जवान

बता दें कि विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार (12 फरवरी) को अपने एक बयान में कहा कि ”आठ भारतीय नागरिकों में से सात भारत लौट चुके हैं।” इससे पहले नई दिल्ली के राजनयिक हस्तक्षेप के बाद पूर्व जवानों को मिलने वाली मौत की सजा को जेल की सजा में बदल दिया गया था। यह सब सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण ही मुमकिन हो पाया है।

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प्रधानमंत्री के सक्षम हाथों में विदेश नीति

वतन वापसी के मामलें में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मौत की सजा से घर वापसी तक: यह भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत है और इस तथ्य का प्रमाण है कि हमारी विदेश नीति प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सक्षम हाथों में है। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने फिर असंभव को संभव कर दिखाया है। शांत रहें और विश्वास रखें। कतर से लौटे पूर्व नौसैनिकों के परिवार को बधाई।”

पीएम मोदी को कहा शुक्रिया

पूर्व नौसैनिक ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि, ”आखिरकार सुरक्षित और स्वस्थ घर वापस आकर मुझे राहत और खुशी महसूस हो रही है। मैं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि यह संभव नहीं होता अगर हमारी रिहाई के लिए वे व्यक्तिगत हस्तक्षेप नहीं करते। मैं अपना आभार कतर राज्य के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को भी धन्यवाद कहना चाहता हूं।”

पीएम का व्यक्तिगत हस्तक्षेप था

एक अन्य रिहा हुए ”नौसैनिक ने भी उनकी रिहाई सुनिश्चित करने में केंद्र के हस्तक्षेप की प्रशंसा करते हुए कहा, “हम, घर पर हमारे चिंतित परिवार के सदस्य, लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। यह सब इसलिए सफल हुआ क्योंकि पीएम मोदी और इस मामले में उनका व्यक्तिगत हस्तक्षेप था। उन्होंने हमारे मामले को कतर सरकार के उच्चतम स्तर तक उठाया और अंततः हमारी रिहाई सुनिश्चित की।”

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बताया कैसे छूटे

पूर्व नौसेना कर्मी ने बताया कि ”पीएम मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के सामने उनकी सजा की बात रखी और आठों भारतीयों की रिहाई के लिए कई राजनयिक प्रयास किए। इसके कारण ही वह छूट पाए।”

कौन हैं 8 बहादुर नौजवान?

खबरों के मुताबिक, दोहा स्थित अल दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एक निजी फर्म है और यह कतर के सशस्त्र बलों और सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षण और अन्य सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी में भारतीय नौसेना के पूर्व कैप्टन नवतेज गिल, सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, अमित नागपाल, एसके गुप्ता, बीके वर्मा, सुगुनाकर पकाला और नाविक रागेश काम करते थे। इन सभी को अगस्त 2022 में अघोषित आरोपों के तहत हिरासत में लिया गया था।

जासूसी के लगे थे आरोप

जानकारी के मुताबिक, पूर्णेंदु तिवारी को 25 साल की जेल की सजा दी गई थी, जबकि रागेश को तीन साल की सजा हुई थी। वहीं नौसेना के चार पूर्व अधिकारियों को 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी और दो अन्य को 10 साल की जेल की सजा दी गई थी। साथ ही इन लोगों पर जासूसी का आरोप लगाया गया था। हालांकि कतरी और भारतीय अधिकारियों दोनों ने उनके खिलाफ लगे आरोपों के बारे में विस्तारपूर्वक कुछ भी नहीं बताया है।

 

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